Friday, 9 September 2011

सफल वह है, जो सबसे अलग कुछ कर गुजरता है; क्योंकि वही नया रास्ता बनाता है

कामयाबी क्या किसी पेड़ पर उगती    है ? बुद्ध के जीवन में एक राष्ट्र के राजा बनने की स्थितियाँ मौजूद थीं, किंतु वह ऐश्वर्य त्याग कर गए तो कईयों ने यही माना और कहा होगा कि उनकी किस्मत में सुख पाना और सफल होना लिखा ही नहीं होगा; लेकिन जब वह युगों के राजा बन गए तो उन्हीं लोगों ने कहा होगा कि सफल तो वह अब हुए हैं | कुछ लोग बुद्ध को सफल कहते हैं, कुछ सिद्ध | कुछ सर्वविजयी कहते हैं, कुछ सर्वत्यागी | इस सबके बीच, यह सवाल तो रह ही गया कि कामयाबी क्या है ? महत्वाकांक्षा पूरी करने या जीवन को प्रसिद्धि दिला देने के लक्ष्य की यात्रा या सब कुछ छोड़ देने की क्षमता प्राप्त करने की सिद्धि | एक आम व्यक्ति के लिए सफलता के मानदंड उसके परिवार, समाज या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का मिला-जुला खेल होते हैं | जो सबसे अलग कर गुजरता है, वही सफल है; क्योंकि वही नया रास्ता बनाता है | जोखिम लेने का साहस सफलता का आधारभूत सिद्धांत है | लेकिन सचमुच के सफल लोग, सफलता के लक्ष्य के साथ जीवन बनाने वाले लोग नहीं थे | वह अपनी प्रकृति के अनुरूप जीते गए और सफलता एक उप-उत्पाद (बाई-प्रोडक्ट) के तौर पर आती गई | हमारे लिए उनकी सफलता की चमक ऊँची थी, लेकिन उनके लिए उनका जीवन - अपनी प्रकृति के अनुरूप जिया गया जीवन महत्वपूर्ण था |

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